सोमवार, 11 जून 2018

मात: चन्दिर एकाकी - संस्कृतगीतम्


देखें चन्दा मामा के विषय में संस्कृत में कितना सुमधुर अभिनयपूर्ण गीत मैने और संस्कृत शिविर  में आये बच्चों ने गाया  बार बार देखने को मन करेगा
औरों को भेजें स्वयं भी कक्षा में गायें ये निवेदन है|
जयदेव वीरः
संस्कृत शिक्षकः
गीत  
मात: चन्दिर एकाकी
कस्मात् गगने सञ्चरति
मातरम् पितरम् गृहम् विहाय
रात्रौ सततम् सञ्चरति
                     वायुः  वेगेन तम् नयति
                    सूर्यः किरणैस्तापयति
                    मेघो जलेन आर्द्रयति
                    न को$पि तम्               परिपालयति।                        
अम्ब !  चन्दिरमानयतु
अस्मत् गेहे स्थापयतु
तेन सहाहम् क्रीडामि
खादामि पिबामि नन्दामि |

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